Friday, December 24, 2010

1 decreased

हमारे राष्ट्रीय पशु १४११ से १४१० हो गए
शायद १४०९
शायद हम ही जानवरों कि जगह लेने कोई कसर नहीं छोड़ रहे है





एक दिन जंगल में हम ही रहेंगे
और शिकार भी हम बनेंगे

सोचे भविष्य कि ............